Wednesday, July 17, 2024

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DBT Full Form in hindi – डीबीटी क्या है, | DBT response status ।  बैंक अकॉउंट में कैसे एक्टिवटे करें। DBT enable kaise kare 2023

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DBT response status: यदि आप गरीबी रेखा से नीचे आते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं, तो आपने डीबीटी के बारे में जरूर सुना होगा। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) नामक इस योजना के माध्यम से सरकार सभी लोगों को उनके बैंक खाते में निहित सरकारी योजनाओं के अनुसार धन प्रेषित करती है।

इसलिए यदि आपको डीबीटी से संबंधित कोई भी जानकारी जैसे “DBT क्या होता है”, “DBT का फुल फॉर्म”, “DBT का इतिहास” चाहिए तो आप हिंदीवर्ल्ड के इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ सकते हैं। यहां आप डीबीटी से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, चलिए आइए विस्तार से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के बारे में जानते हैं।।

DBT का फुल फॉर्म क्या होता है – what is DBT Full Form in hindi

DBT का फुल फॉर्म अंग्रेजी में ‘Direct Benefit Transfer’ होता है, जबकि हिंदी में DBT का पूरा रूप ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ होता है, और यह भारत द्वारा प्रयोग किया गया एक प्रणाली है जिसके माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है।

क्या होता है – what is DBT ?

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer) भारत सरकार की एक पहल है, जिसके द्वारा सभी लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के पैसों का सीधा लाभ पहुंचता है। आसान शब्दों में कहें तो, DBT एक ऐसा तंत्र है जिसके जरिए सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सब्सिडी और अन्य सरकारी राशियों को सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है।

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डीबीटी का इतिहास – DBT History

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर” (DBT) की शुरुआत भारत सरकार ने 1 जनवरी 2013 को की थी। इसे पहले, यह केवल 20 जिलों में शुरू किया गया था और उस समय सब्सिडी के पैसे ही ट्रांसफर किए जाते थे। “DBT” का उद्घाटन 6 जनवरी 2013 को किया गया था, जिसे उस समय के ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने किया था।

डीबीटी का मुख्य उदेश्य

DBT response status दरअसल, भारत सरकार ने DBT सिस्टम लाने का मुख्य उद्देश्य यह साधना है कि लोग सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त होने वाले लाभों को सही समय और सही स्थान पर पहुंचाया जा सके।

जैसा सभी जानते हैं, भारत में DBT सिस्टम के आने से सरकारी योजनाओं के माध्यम से पैसों का लाभ लाभार्थी तक पहुंचाना पहले की तुलना में बहुत कठिन था। बिना DBT सिस्टम के, पैसे बीच में सरकारी कर्मचारियों द्वारा लिए जाते थे, जिसके कारण लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले पैसों का लाभ नहीं मिल पाता था। इसके परिणामस्वरूप, पैसे उनके तक बहुत कम ही लोगों तक पहुंच पाते थे।

इन उपयोगी चीजों का ध्यान रखते हुए, भारत सरकार ने साल 2013 में डीवीडी सिस्टम को प्रस्तुत किया। इसके बाद, लोगों को सरकारी योजनाओं के पैसों का लाभ मिलता है।

डीबीटी (DBT) की प्रमुख विशेषतायें 

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  • डीबीटी (DBT) की एक विशेषता यह है कि इसके द्वारा सभी गरीबों को सरकारी योजनाओं से आने वाली पैसों का लाभ सीधे प्राप्त होता है।
  • डीबीटी (DBT) सिस्टम की एक अहम विशेषता यह है कि अब गरीबों को किसी भी सरकारी योजना से पैसे प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों में चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं।
  • DBT के आने से अब गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होने की अधिक संभावना है।
  • डीबीटी (DBT) सिस्टम के माध्यम से लाभार्थियों को 2013 से सरकारी योजनाओं से प्राप्त होने वाले पैसों और सब्सिडी का लाभ सीधे प्रेषित किया जा रहा है।

Structure of DBT in Hindi- DBT की संरचना

DBT का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा वितरित धनराशि से मध्य संरचना को सुधारने के साथ-साथ पारदर्शिता लाना है।

इस Direct Benefit Transfer योजना में, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले नागरिक अपनी सब्सिडी सीधे अपने खातों में प्राप्त कर सकते हैं। DBT के तहत, सामान्य प्लेटफ़ॉर्म सेंट्रल प्लान स्कीम मॉनिटरिंग सिस्टम या CPSMS होता है, जिसे लेखा महानियंत्रक कार्यालय द्वारा प्रबंधित किया जाता है।

DBT से जुड़े कुछ सरकारी आंकड़े & DBT response status

  • 2021 के प्रारंभ तक, भारत सरकार ने सीधे लाभार्थियों के खातों में कुल 1471000 करोड़ रुपये से अधिक जमा किया, जिसका तात्पर्य डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के तहत है। 
  • 2021 में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लाभार्थियों की संख्या 274 करोड़ को पार कर चुकी है। 
  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के कारण, करप्शन में कमी आई है और लोगों को सरकार की तरफ से मिलने वाला लाभ सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है, करप्शन को पूरी तरह से खत्म किया गया है। 
  • भारत सरकार और कई राज्य सरकारें द्वारा 316 से अधिक योजनाएं प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के तहत चलाई जा रही हैं।

DBT FAQ 

चलिए, अब हम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से संबंधित कुछ प्रमुख प्रश्नों के जवाबों के बारे में जानते हैं, जो लोगों की अक्सर जिज्ञासा होती है।

Q. DBT का अर्थ क्या है?

Ans: DBT एक प्रकार का विधि है जिसमें सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाता है। इसका पूरा नाम है ‘प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण’ या ‘Direct Benefit Transfer’।

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Q. डीबीटी कब लागू किया गया था?

Ans: वास्तविकता में, भारत सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को 1 जनवरी 2013 को लागू किया था।

Q. DBT का वास्तविक अर्थ क्या होता है?

Ans: DBT का वास्तविक अर्थ होता है ‘प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण’ और इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी योजना के तहत दिए जाने वाले धन को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजना है।

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